राज्य राजधानी

भारत के राज्य राजधानी और केंद्र शासित प्रदेश

Published on March 19, 2025
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Quick Summary

  • भारत में कुल 28 राज्य हैं और 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं जिन सभी की राजधानियां अलग-अलग हैं सिर्फ, चंडीगढ़ के अलावा जो की पंजाब और हरियाणा दोनों की राजधानी है। कुछ राज्य और उनकी राजधानियां इस प्रकार है:
    • महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई
    • उत्तर प्रदेश – लखनऊ
    • तमिलनाडु – चेन्नई
    • पश्चिम बंगाल – कोलकाता
    • गुजरात – गांधीनगर
    • राजस्थान – जयपुर

Table of Contents

Authored by, Amay Mathur | Senior Editor

Amay Mathur is a business news reporter at Chegg.com. He previously worked for PCMag, Business Insider, The Messenger, and ZDNET as a reporter and copyeditor. His areas of coverage encompass tech, business, strategy, finance, and even space. He is a Columbia University graduate.

सामान्य ज्ञान के लिए भारत के राज्य, राजधानियों के नाम को जानना अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत के कुल 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं जिन सभी की राजधानियां अलग-अलग हैं। 

इस ब्लॉग के माध्यम से आप राज्य राजधानी चार्ट के माध्यम से भारत के rajya rajdhani और भाषा, भारत के राज्य राजधानी की महत्व और विशेषताएं, केंद्र शासित प्रदेश और उनकी राजधानियां, 1947 के बाद गठित राज्यों के नाम और जम्मू कश्मीर की धारा 370 के बारे में विस्तार से जानेंगे। 

भारत के राज्य राजधानी /Bharat ke 28 rajyon ke naam

bharat ke rajya aur rajdhani
bharat ke rajya aur rajdhani

भारत के कुल 28 राज्य हैं, भारत के राज्य राजधानी के नाम अलग-अलग हैं सिर्फ, केवल चंडीगढ़ के अलावा जो की पंजाब और हरियाणा दोनों की राजधानी है। भारत के rajya rajdhani/राज्यों की राजधानियों के नाम और भाषा कुछ इस प्रकार हैं:

राज्य राजधानी चार्ट/Bharat ke 28 rajyon ke naam
संख्याराज्यराजधानियों के नामभाषा
1आंध्र प्रदेशअमरावतीतेलुगू
2अरुणाचल प्रदेशइटानगरअंग्रेजी
3असमदिसपुरअसमिया
4बिहारपटनाहिन्दी
5छत्तीसगढ़रायपुरहिंदी
6गोवापणजीकोंकणी, अंग्रेजी
7गुजरातगांधीनगरगुजराती
8हरियाणाचण्डीगढ़हिन्दी, हरयाणवी
9हिमाचल प्रदेशशिमलाहिन्दी
10झारखंडरांचीहिन्दी
11कर्नाटकबेंगलुरुकन्नड़
12केरलतिरुवनंतपुरममलयालम
13मध्य प्रदेशभोपालहिन्दी
14महाराष्ट्रमुंबईमराठी
15मणिपुरइम्फालमणिपुरी
16मेघालयशिलोंगअंग्रेजी
17मिज़ोरमआइज़ोलमिजो
18नागालैंडकोहिमाअंग्रेजी
19ओडिशाभुवनेश्वरउड़िया
20पंजाबचण्डीगढ़पंजाबी
21राजस्थानजयपुरहिन्दी
22सिक्किमगैंगटोकअंग्रेजी, नेपाली, सिक्किमी, लेप्चा
23तमिलनाडुचेन्नईतामिल
24तेलंगानाहैदराबादतेलुगू
25त्रिपुराअगरतलाबंगाली, अंग्रेजी, कोकबोरोक
26उत्तरप्रदेशलखनऊहिन्दी
27उत्तराखंडदेहरादूनहिन्दी
28पश्चिम बंगालकोलकाताबंगाली
भारत के राज्य राजधानी 

भारत के राज्य राजधानी: महत्व और विशेषताएं

ऊपर टेबल में हमने भारत के राज्य राजधानी के साथ उनकी भाषाओं के बारे में जाना। अब हम इन राजधानियों के महत्व और विशेषताओं को विस्तार से जानेंगे।

ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर

राज्यों की राजधानियाँ न केवल प्रशासनिक केंद्र हैं, बल्कि वे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व भी रखती हैं। इन राजधानियों में प्राचीन किले, भव्य महल, मंदिर, और कलाकृतियाँ हैं जो भारत के समृद्ध इतिहास और संस्कृति को दर्शाती हैं। उदाहरण के लिए:

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी तथा भारत के rajya rajdhani के नाम में से एक, लखनऊ अपनी अवधी संस्कृति, कला, और इमारतों के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ का रुमी दरवाजा, बड़ा इमामबाड़ा, और छोटा इमामबाड़ा मुगल वास्तुकला के उत्कृष्ट नमूने हैं।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी तथा भारत के राज्य राजधानी के नाम में से एक, कोलकाता अपनी समृद्ध साहित्यिक, कलात्मक और क्रांतिकारी विरासत के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ का विक्टोरिया मेमोरियल, भारतीय संग्रहालय, और हावड़ा ब्रिज शहर के ऐतिहासिक महत्व को दर्शाते हैं।

जयपुर: राजस्थान की राजधानी तथा भारत के राज्य राजधानी के नाम में से एक, जयपुर को “गुलाबी शहर” के नाम से जाना जाता है। यहाँ का हवा महल, आमेर किला, और सिटी पैलेस राजपूत वास्तुकला के शानदार उदाहरण हैं।

राज्यों के शिक्षा और विज्ञान क्षेत्र में योगदान

भारत के राज्यों का शिक्षा और विज्ञान क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान है। भारत के राज्य और केंद्र शासित प्रदेश मिलकर भारत को शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ा रहे हैं।

  • कर्नाटक का बेंगलुरु IT HUB और विज्ञान अनुसंधान में आगे है। 
  • महाराष्ट्र में मुंबई और पुणे उच्च शिक्षा तथा तकनीकी संस्थानों के लिए प्रसिद्ध हैं। 
  • तमिलनाडु का चेन्नई इंजीनियरिंग और चिकित्सा शिक्षा में प्रधानता रखता है। 
  • दिल्ली में प्रमुख विश्वविद्यालय और अनुसंधान केंद्र हैं। 
  • पश्चिम बंगाल का कोलकाता विज्ञान और साहित्य में महत्वपूर्ण योगदान देता है। 

राजधानियों का आर्थिक विकास और उद्योग योग्यता

राज्य राजधानी audyogik vikas
राज्य राजधानी audyogik vikas

राजनीतिक केंद्र: राजधानियां सरकार, नीति निर्माण और प्रशासन का केंद्र होती हैं, जो व्यवसायों को आकर्षित करती हैं और निवेश को बढ़ावा देती हैं।

अर्थव्यवस्था: राजधानियां अक्सर वित्तीय सेवाओं, व्यापार, पर्यटन और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों का केंद्र होती हैं, जो रोजगार और आर्थिक विकास को बढ़ाती हैं।

उद्योग: कई राजधानियां विशिष्ट उद्योगों के लिए केंद्र हैं, जैसे कि मुंबई का फिल्म उद्योग, बेंगलुरु का IT उद्योग, और दिल्ली का सरकारी क्षेत्र।

अवसंरचना: राजधानियों में आमतौर पर बेहतर बुनियादी ढांचा होता है, जैसे कि हवाई अड्डे, सड़कें, और रेलवे, जो व्यापार और निवेश को सुविधाजनक बनाता है।

मानव पूंजी: राजधानियां शिक्षा और अनुसंधान संस्थानों का केंद्र होती हैं, जो कुशल श्रमिकों की उपलब्धता प्रदान करती हैं।

हालांकि, सभी राजधानियां समान रूप से विकसित नहीं हैं। कुछ राजधानियां, जैसे कि दिल्ली और मुंबई, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण हैं, जबकि अन्य, छोटे राज्यों की राजधानियां, क्षेत्रीय स्तर पर अधिक महत्वपूर्ण हो सकती हैं।

केंद्र शासित प्रदेश और राजधानियाँ

सं०केंद्र शासित प्रदेशराजधानियों के नामबोले जाने वाली भाषाएं
1अंडमान और निकोबार द्वीप समूहपोर्ट ब्लेयरहिंदी, अंग्रेजी
2चंडीगढ़चंडीगढ़अंग्रेजी
3दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीवदमनगुजराती, कोंकणी, मराठी, हिंदी
4दिल्लीदिल्लीहिंदी, अंग्रेजी
5जम्मू और कश्मीरश्रीनगर (गर्मियों की राजधानी), जम्मू (सर्दियों की राजधानी)कश्मीरी, डोगरी, हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी
6लद्दाखलेहहिंदी, अंग्रेजी
7लक्षद्वीपकवरत्तीमलयालम
8पुदुचेरीपुदुचेरीतमिल, फ्रेंच, अंग्रेजी
केंद्र शासित प्रदेश और राजधानियाँ

केंद्र शासित प्रदेशों की राजधानियों के महत्व और विशेषताएं 

केंद्र शासित प्रदेशों की राजधानियों का राजनीतिक महत्व

भारत के केंद्र शासित प्रदेश की राजधानियां, प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र भी होती हैं। यहाँ विधानसभा, विधान परिषद (जहाँ है) और अन्य राजनीतिक दल स्थित होते हैं। यहाँ से, केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त प्रशासक कानून व्यवस्था, विकास कार्यक्रमों और अन्य महत्वपूर्ण मामलों का संचालन करते हैं।

सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर

भारत के केंद्र शासित प्रदेशों की राजधानियां अपनी समृद्ध संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत के लिए प्रसिद्ध हैं। हर केंद्र शासित प्रदेश के राजधानियों की अपनी सांस्कृति और गहरा इतिहास है।

पणजी: गोवा की राजधानी, पणजी अपनी पुर्तगाली विरासत और खूबसूरत समुद्र तटों के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ का बोम जीसस का बेसिलिका, से कैथेड्रल, और अगुआडा किला शहर के ऐतिहासिक महत्व को दर्शाते हैं।

दिल्ली: भारत की राजधानी दिल्ली, लाल किला, कुतुब मीनार, जामा मस्जिद और हुमायूँ का मकबरा जैसे विश्व प्रसिद्ध स्मारकों का घर है।

चंडीगढ़: पंजाब और हरियाणा की साझा राजधानी चंडीगढ़, अपनी शानदार वास्तुकला और नियोजन के लिए प्रसिद्ध है।

लेह: लद्दाख की राजधानी लेह, अपनी बौद्ध संस्कृति, मठों, हिमालय के शानदार दृश्यों और ऊंचाई वाले रेगिस्तान के लिए जाना जाता है।

कवरत्ती: लक्षद्वीप की राजधानी कवरत्ती, अपनी प्राकृतिक सुंदरता, मूंगे की चट्टानों और समुद्री जीवन के लिए प्रसिद्ध है।

विकास और उद्योग

भारत के केंद्र शासित प्रदेशों की राजधानियाँ विकास और उद्योग में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। 

दिल्ली भारत की राजधानी होने के नाते, दिल्ली एक प्रमुख राजनीतिक, सांस्कृतिक और आर्थिक केंद्र है। यह सेवा क्षेत्र, विशेष रूप से सरकारी सेवाओं, सूचना प्रौद्योगिकी, वित्त और पर्यटन का का केंद्र है।

पुदुचेरी अपनी विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZ) और पर्यटन उद्योग के लिए जानी जाती है

लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में पर्यटन और मत्स्य पालन प्रमुख उद्योग हैं।

भारत के राज्यों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी

  1. उत्तर प्रदेश: सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों का केंद्र, जैसे ताजमहल।
  2. महाराष्ट्र: आर्थिक राजधानी मुंबई का घर, बॉलीवूड का केंद्र और महत्वपूर्ण औद्योगिक राज्य।
  3. कर्नाटक: बेंगलुरु, जिसे “भारत का सिलिकॉन वैली” कहा जाता है, IT और तकनीकी उद्योग में काफी आगे है।
  4. तमिलनाडु: चेन्नई, इंजीनियरिंग और चिकित्सा शिक्षा में प्रमुख, साथ ही सांस्कृतिक धरोहरों से समृद्ध।
  5. पश्चिम बंगाल: कोलकाता, सांस्कृतिक और साहित्यिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र।
  6. गुजरात: व्यापार और उद्योग में महत्वपूर्ण, अहमदाबाद और गांधी नगर के लिए प्रसिद्ध।
  7. पश्चिम बंगाल: कोलकाता, सांस्कृतिक और साहित्यिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र।
  8. गुजरात: व्यापार और उद्योग में महत्वपूर्ण, अहमदाबाद और गांधी नगर के लिए प्रसिद्ध।
  9. राजस्थान: रेगिस्तान और राजाओं के किलों के लिए प्रसिद्ध, जयपुर और उदयपुर जैसे पर्यटन स्थल।
  10. केरल: “ईश्वर का अपना देश” कहे जाने वाला जिसका अर्थ, एक क्षेत्र या स्थान जिसे ईश्वर का समर्थन प्राप्त है”, सुंदर प्राकृतिक दृश्य और उच्च साक्षरता दर।

स्वतंत्र भारत में 1947 के बाद गठित राज्यों की सूची

वर्ष राज्यदिनांककैसे गठित हुआ
1947पश्चिम बंगाल24 जनवरी 1947पूर्वी भारत में ब्रिटिश भारत के बंगाल प्रांत के पश्चिमी भाग से अलग होकर बना।

1949
राजस्थान30 मार्च 1949पश्चिमी भारत में कई रियासतों के विलय से बना।
1950असम26 जनवरी 1950पूर्वोत्तर भारत में ब्रिटिश भारत के असम प्रांत से अलग होकर बना।
1953आंध्र प्रदेश1 अक्टूबर 1953 दक्षिण भारत के मद्रास राज्य के तेलुगु भाषी से अलग होकर बना।
1956केरल1 नवंबर 1956दक्षिण भारत में मलयालम भाषी क्षेत्रों से अलग होकर बना।
कर्नाटक1 नवंबर 1956दक्षिण भारत में कन्नड़ भाषी क्षेत्रों से अलग होकर बना।
मध्य प्रदेश1 नवंबर 1956मध्य भारत में कई रियासतों के विलय से बना।
1960महाराष्ट्र1 मई 1960पश्चिमी भारत में बॉम्बे राज्य के मराठी भाषी से अलग होकर बना।
गुजरात1 मई 1960बॉम्बे राज्य से अलग होकर बना।
1963नागालैंड1 दिसंबर 1963पूर्वोत्तर भारत में असम राज्य से अलग होकर बना।
1966हरियाणा1 नवंबर 1966पंजाब राज्य से अलग होकर बना।
पंजाब1 नवंबर 1966पूर्वी और पश्चिमी पंजाब राज्यों का विभाजन हुआ।
1971हिमाचल प्रदेश25 जनवरी 1971केंद्र शासित प्रदेश से पूर्ण राज्य का दर्जा मिला।
1972मेघालय21 जनवरी 1972पूर्वोत्तर भारत में असम से अलग होकर बना।
मणिपुर21 जनवरी 1972केंद्र शासित प्रदेश से पूर्ण राज्य का दर्जा मिला।
त्रिपुरा21 जनवरी 1972केंद्र शासित प्रदेश से पूर्ण राज्य का दर्जा मिला।
1975सिक्किम16 मई 1975 भारत में शामिल होकर राज्य का दर्जा मिला।
1987मिज़ोरम20 फरवरी 1987पूर्वोत्तर भारत में मिजो क्षेत्र से अलग होकर बना।
गोवा30 मई 1987दमन और दीव के हिस्से से अलग होकर बना।
अरुणाचल प्रदेश20 फरवरी 1987केंद्र शासित प्रदेश से पूर्ण राज्य का दर्जा मिला।
2000छत्तीसगढ़1 नवंबर 2000मध्य प्रदेश से अलग होकर बना।
उत्तराखंड9 नवंबर 2000उत्तर प्रदेश से अलग होकर बना।
झारखंड15 नवंबर 2000बिहार राज्य से अलग होकर बना।
2014तेलंगाना2 जून 2014आंध्र प्रदेश राज्य से अलग होकर बना।
स्वतंत्र भारत में 1947 के बाद गठित राज्यों की सूची

जम्मू और कश्मीर ( धारा 370 की संक्षिप्त जानकारी )

धारा 370 भारतीय संविधान का एक प्रावधान था, जो जम्मू और कश्मीर राज्य को विशेष स्वराज्य प्रदान करता था। इसे 1949 में संविधान में शामिल किया गया था और 1950 में लागू किया गया। इसके तहत जम्मू और कश्मीर को एक विशेष दर्जा प्राप्त था, जिसके कारण भारतीय संसद की केवल सीमित शक्ति इस राज्य पर लागू होती थी।

धारा 370 के मुख्य प्रावधान

स्वराज्यता: राज्य की विधान सभा को कुछ विशेष अधिकार थे और भारतीय संसद की कई बिल इस राज्य में सीधे लागू नहीं होती थीं।

भारतीय नागरिकता: जम्मू और कश्मीर के स्थायी निवासियों के विशेष अधिकार थे, जो अन्य भारतीय नागरिकों को नहीं मिलते थे। बाहरी राज्यों के लोग यहाँ जमीन नहीं खरीद सकते थे।

विशेष कानून: राज्य के पास अपना संविधान था और कई भारतीय कानून सीधे लागू नहीं होते थे।

धारा 370 में परिवर्तन (5 अगस्त 2019)

5 अगस्त 2019 को भारतीय सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए धारा 370 को निष्क्रिय कर दिया। इसके साथ ही, जम्मू और कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त कर दिया गया और इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया गया:

जम्मू और कश्मीर (विधानसभा के साथ केंद्र शासित प्रदेश)

लद्दाख (बिना विधानसभा के केंद्र शासित प्रदेश)

इस बदलाव के बाद, भारतीय संविधान के सभी प्रावधान जम्मू और कश्मीर पर लागू हो गए और वहाँ भारतीय कानून पूर्ण रूप से लागू हो गया। इस निर्णय का उद्देश्य राज्य को मुख्यधारा में शामिल करना और वहाँ विकास और शांति स्थापित करना था। हालाँकि, इस कदम पर विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आईं।

यह भी पढ़ें:

उत्तर प्रदेश में कितने जिले हैं

निष्कर्ष

भारत के राज्य राजधानी हमारी समृद्ध संस्कृति, विविधता और एकता का प्रतीक हैं। भारत के राज्य और राजधानी के नाम अपने आप में विशेष है, जिसमें स्थानीय संस्कृति, इतिहास, और परंपराएँ बसती हैं। 

इस ब्लॉग में आपने rajya rajdhani चार्ट के माध्यम से भारत के राज्य राजधानी और भाषा के बारे में जाना साथ ही आपने जाना की भारत के राज्य और राजधानी के महत्व तथा उनकी विशेषताएं, केंद्र शासित प्रदेशों की राजधानियों के नाम और उनके महत्व तथा विशेषताएं, भारत के राज्यों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी, स्वतंत्र भारत 1947 के बाद गठित राज्यों की सूची तथा जम्मू और कश्मीर की धारा 370 की संक्षिप्त जानकारी के बारे में।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)


भारत के 28 राज्य की राजधानी क्या है?

भारत के राज्य और उनकी राजधानियां ऊपर दी गयी है।

भारत के 29 वें राज्य की राजधानी क्या है?

भारत में वर्त्तमान में 28 राज्य है 29 नहीं।

भारत में 29 राज्य कौन कौन से हैं 2025?

भारत में 28 राज्य है जिनकी सूची नीचे दी गयी है:
आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नागालैंड, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल

भारत में कितने राज्य राजधानी होते हैं?

भारत में वर्तमान में 28 राज्य और 9 केंद्र शासित प्रदेश हैं।

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